Moral story 26+stores in hindi

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रामकृष्ण भोसले है। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं 26+ नैतिक कहानियां हिंदी में, 

Table of Contents

Moral story 26+stores in hindi

1.विश्वास की उड़ान-[moral story]

एक जंगल में एक छोटा-सा पंछी रहता था। उसका नाम चिंटा था। चिंटा आसमान में उड़ना चाहता था। उसने अपनी मां से कहा, “मां, मैं आसमान में उड़ना चाहता हूं।”

चिंता की मां ने उसे समझाया, “बेटा, उड़ना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए बहुत अभ्यास की जरूरत होती है।”

चिंटा ने अभ्यास करना शुरू कर दिया। वह हर दिन घोंसले से बाहर निकलता और हवा में उड़ने की कोशिश करता। लेकिन उसे कई बार गिरना पड़ा।

एक दिन, चिंटा ने फिर से उड़ने की कोशिश की। लेकिन इस बार वह हवा में ज्यादा देर तक नहीं रह सका। वह नीचे गिरने लगा।

चिंटा घबरा गया। वह सोचने लगा, “मैं कभी भी आसमान में नहीं उड़ पाऊंगा।”

तभी चिंता की मां ने उसे आवाज दी, “बेटा, खुद पर विश्वास करो। तुम उड़ सकते हो।”

चिंता ने अपनी मां की बात सुनी और फिर से उड़ने की कोशिश की। इस बार वह हवा में ज्यादा देर तक रह सका। वह आसमान में उड़ने लगा।

चिंता बहुत खुश था। उसने आसमान में उड़ते हुए बहुत सारे नए-नए स्थान देखे। उसने आसमान में उड़ते हुए बहुत सारे नए-नए पक्षियों से भी दोस्ती की।

चिंता की कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि:

विश्वास की शक्ति

विश्वास ही वह शक्ति है जो हमें आगे बढ़ाती है। अगर हम खुद पर विश्वास रखते हैं, तो हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।

लगन और अभ्यास-किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगन और अभ्यास की जरूरत होती है। अगर हम कड़ी मेहनत करते हैं, तो हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।

दूसरों की मदद-हमारे जीवन में दूसरों की मदद बहुत जरूरी है। जब हम दूसरों की मदद करते हैं, तो उन्हें भी आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

चिंता की कहानी हमें यह प्रेरणा देती है कि अगर हम खुद पर विश्वास रखते हैं और मेहनत करते हैं, तो हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।

2.सीखने की ललक: नई दुनिया की कुंजी [moralstory]

एक बार की बात है, एक छोटा सा चिड़िया था जिसका नाम चिल्लू था। चिल्लू बहुत ही उत्सुक और सीखने वाला चिड़िया था। वह हमेशा नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहता था। एक दिन, चिल्लू ने देखा कि कैसे बड़े चिड़िया आसमान में उड़ रहे हैं। वह भी उड़ना चाहता था, लेकिन वह नहीं जानता था कि कैसे।

चिल्लू ने उड़ना सीखने के लिए बहुत मेहनत की। वह हर दिन अपने माता-पिता से उड़ने के बारे में सीखता था। उसने बड़े चिड़िया को भी ध्यान से देखा और उनकी उड़ान की नकल करने की कोशिश की।

शुरुआत में, चिल्लू उड़ने में बहुत मुश्किल हुआ। वह अक्सर गिर जाता था और चोट खा जाता था। लेकिन चिल्लू ने हार नहीं मानी। उसने लगातार अभ्यास किया और अपनी उड़ान में सुधार किया।

कुछ ही लड़खड़ाते प्रयासों के बाद, चिल्लू आखिरकार उड़ने में सफल हो गया। वह हवा में महीन से नृत्य करने लगा। हर पंखफड़काहट उसे नया अनुभव सिखा रही थी।

नैतिक:-सीखने की ललक नई दुनिया की कुंजी है। जब हम सीखने के लिए तैयार होते हैं, तो दुनिया हमारे लिए खुल जाती है। हम नए कौशल विकसित कर सकते हैं, नए लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

निष्कर्ष:चिल्लू की कहानी हमें सीखती है कि सीखने के लिए कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। अगर हम लगातार अभ्यास करते हैं और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

3. संतुलन का महत्व[Moral story 26+stores in hindi]

एक बार की बात है, एक जंगल में एक छोटा सा पक्षी रहता था जिसका नाम टिम था। टिम बहुत ही जिज्ञासु और साहसी पक्षी था। उसे उड़ना बहुत पसंद था। वह हमेशा आसमान में उड़ने के बारे में सोचता रहता था।

एक दिन, टिम ने अपने पिता से उड़ना सीखने की इच्छा व्यक्त की। टिम के पिता एक अनुभवी पक्षी थे। उन्होंने टिम को उड़ना सिखाने के लिए कहा।

टिम ने अपने पिता के साथ उड़ना सीखना शुरू किया। शुरुआत में, टिम को उड़ने में बहुत मुश्किल हुआ। वह अक्सर गिर जाता था और चोट खा जाता था। लेकिन टिम ने हार नहीं मानी। उसने लगातार अभ्यास किया और अपनी उड़ान में सुधार किया।

एक दिन, टिम अपने पिता के साथ उड़ रहा था। अचानक, एक तेज हवा का झोंका आया। हवा के झोंके ने टिम को हिला दिया। लेकिन टिम ने संतुलन बनाए रखा। उसने अपने पंखों को फैलाया और हवा के झोंके के साथ उड़ना सीख गया।

टिम के पिता बहुत खुश हुए। उन्होंने टिम से कहा, “हवा के झोंकों को समझो, बेटा! संतुलन ही उड़ान की कला है।”

संतुलन का महत्व:-जीवन में कई तरह की चुनौतियाँ आती हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें संतुलन बनाए रखना चाहिए। संतुलन हमें स्थिरता और नियंत्रण देता है। यह हमें चुनौतियों का सामना करने और सफल होने में मदद करता है।

4.दूसरों से सीखना[moralstory]

एक छोटा पक्षी एक पेड़ पर बैठा था। वह बड़े पक्षियों को हवा में कलाबाजी करते देख रहा था। उसे उन पक्षियों की उड़ान बहुत ही सुंदर लगी। वह भी उन पक्षियों की तरह उड़ना चाहता था।

छोटे पक्षी ने बड़े पक्षियों को ध्यान से देखा। उसने देखा कि बड़े पक्षी कैसे अपने पंखों को फड़फड़ाते हैं और कैसे वे हवा में मुड़ते हैं। वह बड़े पक्षियों की उड़ान की नकल करने की कोशिश करने लगा।

शुरू में, छोटे पक्षी को उड़ने में बहुत मुश्किल हुई। वह बार-बार गिर जाता था। लेकिन वह हार नहीं मानता था। वह लगातार अभ्यास करता रहा।

धीरे-धीरे, छोटे पक्षी को उड़ने में आसानी होने लगी। वह बड़े पक्षियों की तरह हवा में कलाबाजी करने लगा। वह बहुत खुश था कि उसने अपने सपने को पूरा कर लिया था।

शिक्षा:-दूसरों से सीखना हमारे विकास को तेज कर सकता है। जब हम दूसरों से सीखते हैं, तो हम उनके अनुभवों और ज्ञान से लाभान्वित हो सकते हैं। यह हमें नए कौशल सीखने और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

छोटे पक्षी ने बड़े पक्षियों से सीखकर उड़ना सीख लिया। उसने यह सीख लिया कि कैसे अपने पंखों को फड़फड़ाना है और कैसे हवा में मुड़ना है। उसने लगातार अभ्यास करके अपने कौशल को बेहतर बनाया।

हम भी दूसरों से सीखकर अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जब हम दूसरों के अनुभवों और ज्ञान से सीखते हैं, तो हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बेहतर तरीके खोज सकते हैं।

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5.धैर्य का साथ-moralstory

एक छोटा लड़का एक दिन पहाड़ पर चढ़ने का फैसला करता है। वह बहुत उत्साहित था और वह जल्दी से पहाड़ पर पहुंचना चाहता था।  लेकिन जैसे ही वह चढ़ना शुरू करता है, उसे पता चलता है कि यह उतना आसान नहीं है जितना वह सोचता था।

पहाड़ बहुत ऊँचा था और रास्ता बहुत कठिन था। लड़का बार-बार गिर जाता था, लेकिन वह हार नहीं मानता था। वह हर दिन अभ्यास करता रहा और अपने कौशल को बेहतर बनाता रहा।

कुछ हफ्तों के बाद, लड़का आखिरकार पहाड़ की चोटी पर पहुंच गया। वह बहुत खुश था कि उसने अपना लक्ष्य हासिल किया। उसे पता था कि यह सिर्फ उसके धैर्य और दृढ़ संकल्प के कारण संभव हुआ था।

शिक्षा:-धैर्य एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है। जब हम धैर्यवान होते हैं, तो हम असफलताओं से नहीं हारते हैं। हम लगातार अभ्यास करते रहते हैं और अपने कौशल को बेहतर बनाते रहते हैं।

लड़के ने धैर्य से हर दिन अभ्यास किया और आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल किया। हम भी धैर्य से अभ्यास करके अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

6.जिम्मेदारी का बोध-moralstory ­

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था। वह अपने माता-पिता के साथ एक पेड़ पर एक घोंसले में रहता था। वह अपने माता-पिता से बहुत प्यार करता था और उनकी बहुत परवाह करता था।

एक दिन, एक तूफान आया। तूफान बहुत भयंकर था। हवा बहुत तेज थी और बारिश बहुत जोर से हो रही थी। तूफान से पेड़ हिल रहा था और घोंसले को नुकसान पहुँचने का खतरा था।

पक्षी के माता-पिता ने उसे घोंसले में रहने के लिए कहा। उन्होंने उसे बताया कि तूफान बहुत खतरनाक है और वह बाहर निकलने पर घायल हो सकता है।

लेकिन पक्षी को अपने माता-पिता की चिंता थी। वह उन्हें बचाने के लिए उतारू हो गया। उसने घोंसले से बाहर निकलकर अपने माता-पिता को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का फैसला किया।

पक्षी ने अपने माता-पिता को अपने पंखों पर उठाया और उन्हें एक सुरक्षित पेड़ के पास ले गया। पक्षी के माता-पिता बहुत खुश थे कि वह उन्हें बचा पाया। उन्होंने उसे बहुत प्यार किया और उसे एक अच्छा बेटा कहा।

शिक्षा:जिम्मेदारी का बोध हमें अपने प्रियजनों की रक्षा करने के लिए मजबूत बनाता है। जब हम अपने प्रियजनों की ज़िम्मेदारी लेते हैं, तो हम उनके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार होते हैं।

पक्षी ने अपने माता-पिता की ज़िम्मेदारी ली और उन्हें तूफान से बचाया। वह अपने माता-पिता को बचाने के लिए बहुत साहसी था।

हम भी अपने प्रियजनों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। हम उन्हें प्यार और देखभाल दे सकते हैं। हम उनकी रक्षा कर सकते हैं और उन्हें मुश्किल समय में मदद कर सकते हैं।

यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं कि आप अपने प्रियजनों के प्रति जिम्मेदारी कैसे ले सकते हैं:

* उनके साथ समय बिताएं और उनकी बातें सुनें।

* उनकी ज़रूरतों को पूरा करने की कोशिश करें।

* उनकी रक्षा करें और उन्हें मुश्किल समय में मदद करें।

अपने प्रियजनों के प्रति जिम्मेदारी लेना एक महत्वपूर्ण गुण है जो आपको एक अच्छा इंसान बनाता है।

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7.[Moral story 26+stores in hindi]साहस का हौसला

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था। वह अपने माता-पिता के साथ एक पेड़ पर एक घोंसले में रहता था। वह बहुत साहसी था और हमेशा नए-नए काम करने की कोशिश करता था।

एक दिन, एक तूफान आया। तूफान बहुत भयंकर था। हवा बहुत तेज थी और बारिश बहुत जोर से हो रही थी। तूफान से पेड़ हिल रहा था और घोंसले को नुकसान पहुँचने का खतरा था।

पक्षी के माता-पिता ने उसे घोंसले में रहने के लिए कहा। उन्होंने उसे बताया कि तूफान बहुत खतरनाक है और वह बाहर निकलने पर घायल हो सकता है।

लेकिन पक्षी को अपने माता-पिता की चिंता थी। वह उन्हें बचाने के लिए उतारू हो गया। उसने घोंसले से बाहर निकलकर अपने माता-पिता को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का फैसला किया।

पक्षी ने अपने माता-पिता को अपने पंखों पर उठाया और उन्हें एक सुरक्षित पेड़ के पास ले गया। रास्ते में, तूफान बहुत भयंकर था। हवा बहुत तेज थी और पक्षी को उड़ने में मुश्किल हो रही थी। वह बार-बार लड़खड़ा रहा था, लेकिन वह हार नहीं मान रहा था।

अंत में, तूफान शांत हुआ और पक्षी अपने माता-पिता को सुरक्षित स्थान पर ले जा सका। पक्षी के माता-पिता बहुत खुश थे कि वह उन्हें बचा पाया। उन्होंने उसे बहुत प्यार किया और उसे एक साहसी बेटा कहा।

शिक्षा:-साहस हमें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। जब हम साहसी होते हैं, तो हम डर नहींते हैं। हम चुनौतियों का सामना करते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रयास करते हैं।

पक्षी ने तूफान के बावजूद अपने माता-पिता को बचाने के लिए साहस दिखाया। वह अपने माता-पिता को बचाने के लिए बहुत दृढ़संकल्पित था।

हम भी अपने जीवन में साहस दिखा सकते हैं। हम कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

8.अनुकूलन की शक्ति-moalsstores

एक बार की बात है, एक छोटा सा कछुआ था जो अपने घर के जंगल से बाहर निकलना चाहता था। वह एक नए वातावरण को देखने के लिए उत्सुक था और नई चीजें सीखना चाहता था।

कछुआ ने जंगलों, पहाड़ों और नदियों को पार किया। वह एक लंबी यात्रा पर था, लेकिन वह हार नहीं मान रहा था। वह जानता था कि उसे कुछ नया खोजने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

कछुआ ने कई तरह के जीवों को देखा। उसने पेड़ों पर उड़ते हुए पक्षियों को देखा, नदियों में तैरते हुए मछलियों को देखा और जंगलों में दौड़ते हुए जानवरों को देखा। वह हर चीज से प्रभावित था।

कछुआ ने हर जगह खुद को ढाल लिया। वह जंगलों में पेड़ों की छाया में आराम करता था, पहाड़ों पर चढ़ने के लिए अपने मजबूत पैरों का उपयोग करता था, और नदियों में तैरने के लिए अपने कठोर खोल का उपयोग करता था।

अंत में, कछुआ एक नए जंगल में पहुंचा। वह बहुत खुश था कि उसने अपना लक्ष्य हासिल किया। वह एक नए वातावरण में था और वह बहुत उत्साहित था।

शिक्षा:-अनुकूलन एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें विविध वातावरणों में जीवित रहने और पनपने में मदद कर सकता है। जब हम अनुकूलनशील होते हैं, तो हम बदलावों के साथ जाने और नई स्थितियों में फिट होने में सक्षम होते हैं।

कछुआ ने अपनी यात्रा में अनुकूलन की शक्ति का प्रदर्शन किया। वह किसी भी स्थिति के लिए तैयार था और वह हमेशा अपने आसपास की दुनिया से सीखता रहा। हम भी अपने जीवन में अनुकूलनशील हो सकते हैं। हम बदलावों के साथ जाने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रह सकते हैं।

9.[moral stories] कृतज्ञता का भाव 

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था जो अपने माता-पिता के साथ एक पेड़ पर एक घोंसले में रहता था। वह उड़ना चाहता था, लेकिन वह नहीं जानता था कि कैसे।

एक दिन, पक्षी ने एक बड़े पक्षी को हवा में उड़ते हुए देखा। पक्षी बहुत खुश हुआ और उसने उड़ना सीखने का फैसला किया।

पक्षी ने अपने माता-पिता से मदद मांगी। उसके माता-पिता ने उसे सिखाया कि कैसे अपने पंखों को फड़फड़ाना है और हवा में कैसे रहना है।

पक्षी ने कड़ी मेहनत की और जल्द ही वह उड़ना सीख गया। वह बहुत खुश था कि उसने अपना सपना पूरा कर लिया।

एक रात, पक्षी चांदनी में उड़ रहा था। वह आसमान की सुंदरता को देख रहा था और उसे आभार महसूस हुआ।

उसने अपने माता-पिता के बलिदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उसे उड़ना सिखाने के लिए बहुत मेहनत की थी।

उसने अपने गुरुओं के मार्गदर्शन के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने उसे उड़ना सिखाने के लिए बहुत ज्ञान और अनुभव प्रदान किया।

और अंत में, उसने अपने प्रयासों के लिए भी आभार व्यक्त किया। उसने कड़ी मेहनत की थी और उसने अपने सपने को हासिल किया था।

पक्षी ने महसूस किया कि कृतज्ञता एक शक्तिशाली भावना है। यह हमें विनम्रता और अपनी यात्रा की सराहना करने में मदद करता है।

शिक्षा:-
कृतज्ञता एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में खुशी और संतुष्टि प्राप्त करने में मदद कर सकता है। जब हम कृतज्ञ होते हैं, तो हम अपने जीवन में अच्छे चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह हमें नकारात्मक विचारों से दूर रहने में मदद करता है।

पक्षी ने कृतज्ञता के भाव को महसूस किया और उसे बहुत खुशी हुई। उसने अपने माता-पिता, गुरुओं और अपने प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। कृतज्ञता ने उसे विनम्रता और अपनी यात्रा की सराहना करने में मदद की।

हम भी अपने जीवन में कृतज्ञता के भाव को विकसित कर सकते हैं। हम अपने आसपास की दुनिया में अच्छे चीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हम दूसरों के प्रति आभारी हो सकते हैं जो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते

10 दया का स्वभाव[moral story]

एक बार की बात है, एक छोटा लड़का अपने घर से बाजार जा रहा था। रास्ते में, उसने एक भूखे पक्षी को देखा जो जमीन पर पड़ा था। पक्षी बहुत कमजोर लग रहा था और वह उड़ने में सक्षम नहीं था।

लड़के को पक्षी पर दया आई। उसने अपने बैग से कुछ रोटी के टुकड़े निकाले और पक्षी को खिला दिए। पक्षी ने रोटी के टुकड़ों को बड़े चाव से खाया और फिर उड़ गया।

लड़का पक्षी के उड़ जाने से बहुत खुश हुआ। उसे लगा कि उसने एक अच्छा काम किया है। वह अपने रास्ते पर बढ़ गया, लेकिन उसकी खुशी कम नहीं हुई।

वह सोच रहा था कि उसने एक भूखे पक्षी की मदद की है। उसने पक्षी को भोजन दिया और उसे जीवनदान दिया। यह सोचकर उसे बहुत खुशी हुई।

लड़के को एहसास हुआ कि दयालुता एक शक्तिशाली भावना है। यह हमें खुशी और संतुष्टि प्रदान करती है। यह हमें दूसरों से जोड़ती है और हमें एक बेहतर इंसान बनाती है।

शिक्षा:-दयालुता एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में खुशी और संतुष्टि प्राप्त करने में मदद कर सकता है। जब हम दयालु होते हैं, तो हम दूसरों की मदद करते हैं और उनके जीवन को बेहतर बनाते हैं। यह हमें भी खुशी और संतुष्टि प्रदान करता है।

लड़के ने दयालुता का काम किया और उसे बहुत खुशी हुई। उसने एक भूखे पक्षी की मदद की और उसे जीवनदान दिया। यह सोचकर उसे बहुत खुशी

हम भी अपने जीवन में दयालुता का काम कर सकते हैं। हम दूसरों की मदद कर सकते हैं, उनके जीवन को बेहतर बना सकते हैं और खुद को खुश और संतुष्ट

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11.क्षमा का पाठ

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था जो अपने माता-पिता के साथ एक पेड़ पर एक घोंसले में रहता था। वह बहुत ही मिलनसार और हंसमुख था। वह हमेशा अपने आसपास के लोगों के साथ खेलता रहता था।

एक दिन, पक्षी अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। वह बहुत उत्साहित था और वह अपने दोस्तों के साथ उड़ रहा था। अचानक, वह गलती से एक दूसरे पक्षी से टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दूसरे पक्षी को चोट लग गई।

पक्षी को बहुत बुरा लगा। वह अपने दोस्त से माफी मांगने के लिए उसके पास गया। लेकिन दूसरा पक्षी बहुत गुस्सा था। उसने पक्षी को डांटा और कहा कि वह उसे कभी माफ नहीं करेगा।

पक्षी बहुत दुखी हो गया। वह जानता था कि उसने गलती की है, लेकिन वह माफ़ी मांगने के लिए तैयार था। उसने दूसरे पक्षी को बार-बार माफी मांगी, लेकिन दूसरा पक्षी नहीं माना।

पक्षी निराश हो गया। वह सोचने लगा कि वह क्या करे। उसे पता था कि उसे दूसरे पक्षी को माफ़ करना होगा, तभी वह भी उसे माफ़ करेगा।

पक्षी ने अपने मन को मजबूत किया। उसने दूसरे पक्षी से कहा, “मैं समझता हूं कि तुम गुस्सा हो। मैं जानता हूं कि मैंने गलती की है। लेकिन मैं तुमसे वादा करता हूं कि मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा। मैं तुमसे बहुत माफी मांगता हूं।”

दूसरा पक्षी पक्षी की बात सुनकर थोड़ा नरम पड़ गया। उसने पक्षी से कहा, “मैं जानता हूं कि तुमने गलती की है। लेकिन मुझे अभी भी तुम्हारी बात पर विश्वास नहीं हो रहा है। तुम मुझे दिखाओ कि तुम सच में बदल गए हो, तभी मैं तुम्हें माफ़ करूंगा।”

पक्षी ने दूसरे पक्षी से कहा, “मैं तुम्हें दिखाऊंगा कि मैं सच में बदल गया हूं।”

पक्षी ने दूसरे पक्षी से कहा कि वह उसके साथ खेलेगा। पक्षी ने दूसरे पक्षी के साथ बहुत प्यार से खेला। उसने दूसरे पक्षी की कभी भी गलती नहीं निकाली।

कुछ दिनों के बाद, दूसरा पक्षी पक्षी पर भरोसा करने लगा। उसने पक्षी को माफ कर दिया।

पक्षी बहुत खुश हुआ। उसे पता था कि क्षमा एक शक्तिशाली भावना है। यह हमें दूसरों के साथ संबंध बनाने में मदद करता है।

शिक्षा:-क्षमा एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में खुशी और संतुष्टि प्राप्त करने में मदद कर सकता है। जब हम दूसरों को माफ करते हैं, तो हम उनके साथ संबंध बनाते हैं और उन्हें खुशी देते हैं। यह हमें भी खुशी और संतुष्टि प्रदान करता है।

पक्षी ने गलती की थी, लेकिन उसने दूसरा पक्षी को माफ करने के लिए कड़ी मेहनत की। उसने दूसरा पक्षी को दिखाया कि वह सच में बदल गया है। दूसरा पक्षी ने पक्षी को माफ किया और वे दोस्त बन गए।

हम भी अपने जीवन में दूसरों को माफ करना सीख सकते हैं। हम दूसरों की गलतियों को माफ कर सकते हैं और उन्हें दूसरा मौका दे सकते हैं। यह हमें एक बेहतर इंसान बनाता है और हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

12.मेहनत का मूल्य

एक बार की बात है, एक छोटा सा बन्दर था जो एक पेड़ पर रहता था। वह बहुत ही आलसी था। वह हमेशा पेड़ पर बैठकर खाना खाता था और खेलता रहता था। वह कभी भी मेहनत नहीं करता था।

एक दिन, बन्दर ने एक पेड़ पर बहुत मीठे फल देखे। उसे उन फलों का स्वाद बहुत अच्छा लगा। वह उन फलों को खाना चाहता था। लेकिन वे फल पेड़ की बहुत ऊंचाई पर थे।

बन्दर ने कई बार कोशिश की, लेकिन वह उन फलों तक नहीं पहुंच पाया। वह बहुत निराश हो गया। उसे लगा कि वह उन फलों को कभी नहीं खा पाएगा।

लेकिन फिर बन्दर ने सोचा कि वह हार नहीं मानेगा। उसने मेहनत करने का फैसला किया। उसने पेड़ पर चढ़ना शुरू किया।

बन्दर ने बहुत मेहनत की। वह कई बार गिरा, लेकिन वह फिर से खड़ा हुआ और चढ़ता रहा। आखिरकार, बन्दर ने पेड़ की चोटी तक पहुंच गया।

बन्दर ने उन फलों को खाया। उन्हें उन फलों का स्वाद बहुत अच्छा लगा। उसे लगा कि उसने बहुत अच्छा काम किया है।

बन्दर को एहसास हुआ कि मेहनत से ही कामयाबी मिलती है। उसने कड़ी मेहनत करके उन फलों को प्राप्त किया था |

शिक्षा:

मेहनत एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में सफल होने में मदद कर सकता है। जब हम मेहनत करते हैं, तो हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते हैं और हमें खुशी और संतुष्टि मिलती है।

बन्दर ने मेहनत करके उन फलों को प्राप्त किया। उसे उन फलों का स्वाद बहुत अच्छा लगा। उसे लगा कि उसने बहुत अच्छा काम किया है।

हम भी अपने जीवन में मेहनत कर सकते हैं। हम कड़ी मेहनत करके अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं और खुशी और संतुष्टि प्राप्त कर सकते हैं।

13.आशा का संदेश[moral story]

एक बार की बात है, एक छोटा सा फूल था जो एक जंगल में रहता था। वह बहुत ही खूबसूरत फूल था। उसकी खुशबू बहुत ही सुगंधित थी।

एक दिन, सर्दी आ गई। सर्दी के दिनों में, जंगल बहुत ही अंधेरा हो जाता है। फूल बहुत उदास हो गया। वह सोचने लगा कि अब वह कभी भी नहीं खिल पाएगा।

लेकिन फिर फूल ने सोचा कि वह हार नहीं मानेगा। उसने आशा की किरण को अपने दिल में संजोया। उसने सोचा कि सर्दी के बाद वसंत आएगा। वसंत के दिनों में, सूरज चमकेगा और फूलों को खिलाएगा।

फूल ने सर्दी के दिनों में भी आशा की किरण को नहीं छोड़ा। उसने कड़ी मेहनत की और अपने आप को जिंदा रखा।

आखिरकार, वसंत आ गया। सूरज चमकने लगा और फूल खिल गया। फूल बहुत ही खूबसूरत था। उसकी खुशबू बहुत ही सुगंधित थी।

फूल को अपने धैर्य और आशा की किरण पर बहुत गर्व था। उसने सीखा कि आशा हमें मुश्किल परिस्थितियों में भी सकारात्मक बनाए रखती है।

शिक्षा:-आशा एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने में मदद कर सकता है। जब हम आशा रखते हैं, तो हम हार नहीं मानते हैं। हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।

फूल ने सर्दी के अंधेरे दिनों में भी आशा की किरण को नहीं छोड़ा। उसने कड़ी मेहनत की और अपने आप को जिंदा रखा। आखिरकार, उसकी मेहनत रंग लाई और वह खिल गया।

हम भी अपने जीवन में आशा रख सकते हैं। हम मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए कड़ी मेहनत कर सकते हैं। आशा हमें सफल होने में मदद कर सकती है।

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14.सहयोग की ताकत-[moral story in hindi]

एक बार की बात है, एक जंगल में कई पक्षी रहते थे। एक दिन, तेज गर्मी पड़ रही थी। पक्षियों को बहुत प्यास लगी। वे पानी ढूंढने के लिए इधर-उधर उड़ने लगे।

लेकिन उन्हें कहीं पानी नहीं मिला। वे बहुत परेशान हो गए। उन्हें लगा कि वे मर जाएंगे।

तभी एक बुद्धिमान तोता बोला, “चलो हम सब मिलकर काम करें। अगर हम साथ मिलकर काम करेंगे, तो हमें पानी जरूर मिलेगा।”

पक्षियों ने बुद्धिमान तोते की बात मानी। उन्होंने एक साथ काम करना शुरू किया। एक पक्षी एक तरफ उड़ता था, तो दूसरा पक्षी दूसरी तरफ उड़ता था। वे लगातार पानी की तलाश में रहते थे।

आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने एक जगह पानी देखा। वे बहुत खुश हुए। उन्होंने मिलकर पानी पिया और अपनी प्यास बुझाई।

पक्षियों को पता चला कि सहयोग की ताकत बहुत बड़ी होती है। जब हम साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

शिक्षा:-सहयोग एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में सफल होने में मदद कर सकता है। जब हम दूसरों के साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम एक-दूसरे की ताकत और क्षमताओं का उपयोग कर सकते हैं। यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

पक्षियों ने सहयोग करके पानी ढूंढ लिया। यह दिखाता है कि सहयोग की ताकत बहुत बड़ी होती है।

हम भी अपने जीवन में सहयोग कर सकते हैं। हम दूसरों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

15.[moral story in hindi]-जिज्ञासा की लौ**

एक बार की बात है, एक छोटा सा लड़का था जिसका नाम करण था। करण बहुत ही जिज्ञासु था। उसे दुनिया के बारे में सब कुछ जानने की इच्छा थी।

करण अपने माता-पिता के साथ एक छोटे से गाँव में रहता था। वह अक्सर अपने माता-पिता के साथ जंगल में घूमने जाता था। वह जंगल में रहने वाले जानवरों, पक्षियों और पेड़ों के बारे में बहुत कुछ सीखता था।

एक दिन, करण के माता-पिता ने उसे शहर ले जाने का फैसला किया। करण शहर देखकर बहुत रोमांचित हुआ। उसने शहर की ऊंची इमारतों, चमकदार रोशनी और व्यस्त सड़कों को देखा।

करण शहर में घूमने लगा। वह हर चीज़ के बारे में सवाल पूछने लगा। उसने लोगों से शहर के बारे में, वहां रहने वाले लोगों के बारे में और वहां होने वाली चीजों के बारे में पूछा।

करण ने शहर में कई नए चीजें सीखीं। उसने नई भाषाएं सीखीं, नए भोजन के बारे में जाना और नए संस्कृतियों के बारे में जाना।

करण को पता चला कि दुनिया बहुत बड़ी और विविध है। उसने सीखा कि हर जगह कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है।

करण की जिज्ञासा ने उसे एक व्यापक व्यक्ति बना दिया। उसने दुनिया भर के लोगों और संस्कृतियों के बारे में बहुत कुछ सीखा।

शिक्षा:-जिज्ञासा एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में सफल होने में मदद कर सकता है। जब हम जिज्ञासु होते हैं, तो हम नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक होते हैं। यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

करण ने अपनी जिज्ञासा के कारण दुनिया भर के बारे में बहुत कुछ सीखा। यह दिखाता है कि जिज्ञासा हमारे जीवन को और व्यापक बना सकती है।

हम भी अपने जीवन में जिज्ञासुक हो सकते हैं। हम नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक हो सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद है।

16.[best moral kahani]-क्षमाता का विस्तार

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था जिसका नाम चिड़िया था। चिड़िया बहुत ही साहसी और चंचल थी। उसे नई चीजें सीखने और नई जगहों पर जाने का बहुत शौक था।

एक दिन, चिड़िया ने फैसला किया कि वह एक लंबी यात्रा पर जाएगी। वह दुनिया भर की यात्रा करना चाहती थी।

चिड़िया ने अपनी यात्रा शुरू की। वह कई खूबसूरत जगहों पर गई। उसने कई नए लोगों से मुलाकात की और कई नई चीजें सीखीं।

लेकिन चिड़िया की यात्रा में कई चुनौतियां भी आईं। उसे आंधी, तूफान और बिजली का सामना करना पड़ा। उसका भोजन खत्म हो गया और उसे कई बार भूखा रहना पड़ा।

चिड़िया ने इन चुनौतियों का डटकर सामना किया। उसने कभी हार नहीं मानी। उसने विपरीत परिस्थितियों को स्वीकार करना सीखा।

आखिरकार, चिड़िया की यात्रा समाप्त हुई। वह एक अनुभवी और मजबूत पक्षी बन गई थी। उसने दुनिया भर की यात्रा की थी और कई नई चीजें सीखी थीं।

शिक्षा:

क्षमता एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में सफल होने में मदद कर सकता है। जब हम लचीले होते हैं, तो हम चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होते हैं। यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

चिड़िया ने अपनी यात्रा में कई चुनौतियों का सामना किया। लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। उसने विपरीत परिस्थितियों को स्वीकार करना सीखा। यह दिखाता है कि लचीलापन हमें चुनौतियों का सामना करने में मदद कर सकता है।

हम भी अपने जीवन में लचीले हो सकते हैं। हम चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रह सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

17.स्वतंत्रता का आनंद

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था जिसका नाम चिड़िया था। चिड़िया बहुत ही स्वच्छंद और स्वतंत्र थी। उसे खुले आसमान में उड़ने और दुनिया को देखने का बहुत शौक था।

एक दिन, चिड़िया अपने घोंसले से बाहर निकली और उड़ने लगी। उसने खुले आसमान में उड़ने का आनंद लिया। उसने सूरज की रोशनी को महसूस किया और हवा को अपने पंखों में महसूस किया।

चिड़िया ने अपने आसपास की दुनिया को देखा। उसने पहाड़ों, नदियों और जंगलों को देखा। उसने कई तरह के जानवरों और पक्षियों को भी देखा।

चिड़िया बहुत खुश थी। उसने महसूस किया कि वह स्वतंत्र है। वह कहीं भी जा सकती थी और जो चाहे कर सकती थी।

चिड़िया उड़ती रही। उसने कई खूबसूरत जगहों पर जाकर देखा। उसने कई नए लोगों से मुलाकात की और कई नई चीजें सीखीं।

लेकिन चिड़िया को जल्द ही एहसास हुआ कि स्वतंत्रता एक जिम्मेदारी भी है। उसे अपने फैसलों के बारे में सोचना था। उसे यह सुनिश्चित करना था कि वह अपने और दूसरों के लिए सुरक्षित रहे।

चिड़िया ने सावधानी से अपने फैसले लेने शुरू कर दिए। उसने अपने आसपास की दुनिया के बारे में अधिक जानने की कोशिश की। उसने यह भी सीखा कि कैसे अपनी सुरक्षा बनाए रखें।

चिड़िया एक जिम्मेदार और स्वतंत्र पक्षी बन गई। उसने अपने जीवन का आनंद लिया और दूसरों की मदद करने के लिए अपना स्वतंत्रता का उपयोग किया।

शिक्षा:-सच्ची स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ आती है। जब हम स्वतंत्र होते हैं, तो हम अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होते हैं। लेकिन हमें यह भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि हम अपने फैसलों के बारे में सोचें और यह सुनिश्चित करें कि वे हमारे और दूसरों के लिए अच्छे हों।

चिड़िया ने स्वतंत्रता की जिम्मेदारी सीखी। उसने यह सीखा कि अपने फैसले लेने से पहले सोचना और दूसरों के लिए सुरक्षित रहना महत्वपूर्ण है। यह दिखाता है कि सच्ची स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ आती है।

हम भी अपने जीवन में स्वतंत्रता और जिम्मेदारी का संतुलन बना सकते हैं। हम अपने फैसले लेने से पहले सोच सकते हैं और दूसरों के लिए सुरक्षित रह सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

18.कृतज्ञता का विस्तार-

एक बार की बात है, एक छोटा सा लड़का था जिसका नाम करण था। करण बहुत ही कृतज्ञ लड़का था। वह अपने जीवन में जो कुछ भी पाता था, उससे वह खुश होता था।

एक दिन, करण अपने माता-पिता के साथ जंगल में घूमने गया। उसने जंगल में कई खूबसूरत चीजें देखीं। उसने सूर्योदय देखा, फूलों को देखा और पत्तियों को हिलता देखा।

करण ने सोचा कि जंगल बहुत ही खूबसूरत है। उसने प्रकृति की कृपा का अनुभव किया।

करण ने अपने माता-पिता से कहा, “मुझे जंगल बहुत पसंद है। यह बहुत ही खूबसूरत है।”

करण की माता ने कहा, “यह जंगल प्रकृति की कृपा है। हमें इसकी सराहना करनी चाहिए।”

करण ने सोचा कि उसकी माता की बात सही है। हमें प्रकृति की कृपा की सराहना करनी चाहिए।

करण ने जंगल में जो कुछ भी देखा, उससे उसकी कृतज्ञता का भाव और गहरा हो गया। वह हर सूर्योदय, हर फूल और हर पत्ते में प्रकृति की कृपा देखता था।

शिक्षा:-कृतज्ञता एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। जब हम कृतज्ञ होते हैं, तो हम अपने जीवन में अच्छे चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह हमें खुश और संतुष्ट महसूस कराता है।

करण ने प्रकृति की कृपा की सराहना की। यह दिखाता है कि कृतज्ञता हमारे दृष्टिकोण को विस्तारित कर सकती है और हमारे जीवन को समृद्धि से भर सकती है।

हम भी अपने जीवन में कृतज्ञता का भाव बढ़ा सकते हैं। हम अपने जीवन में अच्छे चीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और दूसरों की मदद कर सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

Hindi kahani-एक रूला देने वाली प्रेम कहानी

19.सकारात्मकता का मार्ग

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था जिसका नाम चिड़िया था। चिड़िया बहुत ही सकारात्मक और खुशमिजाज थी। उसे दुनिया में अच्छाई देखने में मजा आता था।एक दिन, चिड़िया एक लंबी यात्रा पर निकली। उसने कई खूबसूरत जगहों पर जाने का फैसला किया।

चिड़िया अपनी यात्रा पर निकली। उसने कई नए लोगों से मुलाकात की और कई नई चीजें सीखीं।

लेकिन चिड़िया को रास्ते में कुछ नकारात्मक पक्षियों से भी मुलाकात हुई। वे पक्षी हमेशा शिकायत करते रहते थे। वे दुनिया में केवल बुराई को देखते थे।

चिड़िया को नकारात्मक पक्षियों की नकारात्मकता से परेशान नहीं किया गया। उसने अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा।

चिड़िया ने सोचा कि नकारात्मक पक्षी केवल अपनी नकारात्मकता को दूसरों पर थोप रहे हैं। वह उनकी नकारात्मकता से प्रभावित नहीं हुई।चिड़िया ने अपनी यात्रा जारी रखी। उसने दुनिया में अच्छाई को खोजना जारी रखा।

आखिरकार, चिड़िया ने अपनी यात्रा पूरी की। वह एक अनुभवी और समझदार पक्षी बन गई थी। उसने सीखा था कि सकारात्मकता आकर्षित करती है सकारात्मकता और एक सुखी जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।

शिक्षा:-

सकारात्मक दृष्टिकोण एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने जीवन में सफल होने में मदद कर सकता है। जब हम सकारात्मक होते हैं, तो हम दूसरों को आकर्षित करते हैं। यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

चिड़िया ने अपनी यात्रा में कई चुनौतियों का सामना किया। लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। उसने अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा। यह दिखाता है कि सकारात्मक दृष्टिकोण हमें मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने में मदद कर सकता है।

हम भी अपने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण रख सकते हैं। हम दुनिया में अच्छाई को खोज सकते हैं और दूसरों को सकारात्मकता फैला सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

20.-प्रेम का पाठ

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था जिसका नाम चिड़िया था। चिड़िया बहुत ही अकेली थी। वह हमेशा किसी साथी की तलाश में रहती थी।

एक दिन, चिड़िया एक लंबी यात्रा पर निकली। उसने कई खूबसूरत जगहों पर जाने का फैसला किया।

चिड़िया अपनी यात्रा पर निकली। उसने कई नए लोगों से मुलाकात की और कई नई चीजें सीखीं।लेकिन चिड़िया को अभी भी किसी साथी की तलाश थी। वह अकेली महसूस करती थी।

एक दिन, चिड़िया एक जंगल में उड़ रही थी। तभी उसे एक खूबसूरत पक्षी दिखाई दिया।

चिड़िया ने उस पक्षी को देखा और उसे बहुत पसंद आया। वह उस पक्षी से मिलने के लिए उत्सुक थी।

चिड़िया उस पक्षी के पास गई और उससे बात की। उसने उस पक्षी से अपना नाम पूछा।पक्षी ने अपना नाम मधुर बताया।

चिड़िया और मधुर बातचीत करने लगे। वे एक-दूसरे को पसंद करने लगे।

आखिरकार, चिड़िया और मधुर ने एक-दूसरे से प्यार किया। वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहते थे।

चिड़िया और मधुर ने एक साथ घोंसला बनाया। उन्होंने कई बच्चे पैदा किए।

चिड़िया और मधुर बहुत खुश थे। उन्होंने एक-दूसरे के साथ एक सुखी जीवन व्यतीत किया।

शिक्षा:

प्रेम एक शक्तिशाली भावना है। यह हमें मजबूत बनाता है और हमारे जीवन को एक नया आयाम देता है।

चिड़िया अकेली थी। लेकिन जब उसने मधुर से प्यार किया, तो वह खुश और मजबूत हो गई।

हम भी अपने जीवन में प्यार को जगह दे सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

21.शांति का महत्व [Moral story 26+stores in hindi]

एक बार की बात है, एक छोटा सा लड़का था जिसका नाम करण था। करण बहुत ही चिंतित और परेशान था। उसे हमेशा लगता था कि वह कुछ गलत कर रहा है।

एक दिन, करण अपने माता-पिता के साथ जंगल में घूमने गया। उसने जंगल की शांति देखी और उसे बहुत अच्छा लगा।

करण ने अपने माता-पिता से कहा, “मुझे जंगल की शांति बहुत अच्छी लगती है। मैं यहां बहुत शांति महसूस करता हूं।”

करण के माता-पिता ने कहा, “शांति बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमें आंतरिक संतुलन और स्पष्टता प्रदान करती है।”

करण ने सोचा कि उसकी माता-पिता की बात सही है। उसे शांति के बारे में और जानने की इच्छा हुई।करण ने जंगल में ध्यान करना सीखा। उसने ध्यान में अपने विचारों और भावनाओं को शांत करना सीखा।

ध्यान से करण ने शांति प्राप्त की। वह अपने जीवन में अधिक स्पष्ट रूप से सोचने लगा।करण ने ध्यान के माध्यम से आंतरिक संतुलन प्राप्त किया। वह अब एक अधिक खुश और संतोषी व्यक्ति था।

शिक्षा:-शांति एक महत्वपूर्ण गुण है। यह हमें आंतरिक संतुलन और स्पष्टता प्रदान करती है।करण चिंतित और परेशान था। लेकिन जब उसने ध्यान करना सीखा, तो उसने शांति प्राप्त की।

हम भी अपने जीवन में शांति को जगह दे सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

22.त्याग का सार [Moral story 26+stores in hindi]

एक बार की बात है, एक छोटी सी लड़की थी जिसका नाम रीना था। रीना बहुत ही दयालु और परोपकारी लड़की थी। वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती थी।

रीना के माता-पिता बहुत ही त्यागी थे। उन्होंने हमेशा दूसरों की मदद की। रीना ने अपने माता-पिता से त्याग का पाठ सीखा था।रीना जब बड़ी हुई, तो उसने एक लड़के से शादी की। उसका नाम राज था। राज भी एक दयालु और परोपकारी लड़का था।

रीना और राज ने शादी के बाद एक साथ एक छोटा सा घर बनाया। उन्होंने एक साथ एक परिवार शुरू किया।

रीना और राज ने अपने बच्चों का पालन-पोषण बहुत ही प्यार से किया। उन्होंने अपने बच्चों को त्याग का पाठ भी सिखाया।

रीना और राज ने अपने बच्चों को सिखाया कि दूसरों की मदद करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने बच्चों को सिखाया कि दूसरों को खुश करना भी खुशी देता है।

रीना और राज के बच्चे बड़े होकर भी दूसरों की मदद करने लगे। वे अपने माता-पिता के त्याग के पाठ पर चलते रहे।

शिक्षा:-

त्याग एक महत्वपूर्ण गुण है। यह हमें दूसरों की मदद करने और खुशी पाने की अनुमति देता है।

रीना और राज ने अपने बच्चों को त्याग का पाठ सिखाया। यह दिखाता है कि त्याग एक महत्वपूर्ण गुण है जिसे हम अपने बच्चों को सिखा सकते हैं।

हम भी अपने जीवन में त्याग को जगह दे सकते हैं। यह हमें सफल होने और अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

23.[Moral story 26+stores in hindi]जीवन का चक्र 

एक बार की बात है, एक पेड़ था जिसका नाम कल्पवृक्ष था। कल्पवृक्ष एक बहुत ही पुराना और शक्तिशाली पेड़ था। उसने कई पीढ़ियों देखी थीं।

[Image of कल्पवृक्ष का पेड़]

एक दिन, कल्पवृक्ष को महसूस हुआ कि उसकी ताकत कम हो रही है। वह अब उतना ऊँचा नहीं बढ़ पा रहा था जितना पहले बढ़ता था। उसके पत्ते उतने बड़े नहीं थे जितना पहले थे।

कल्पवृक्ष ने चिंता की। उसने सोचा कि वह मर रहा है।लेकिन कल्पवृक्ष ने उम्मीद नहीं छोड़ी। उसने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जीवन का आनंद लिया।

उसने अपने बच्चों और पोते-पोतियों के साथ समय बिताया। उसने अपने आसपास की दुनिया को देखा और उसका आनंद लिया। एक दिन, कल्पवृक्ष का अंत हो गया। लेकिन उसकी आत्मा हमेशा जीवित रहेगी।

शिक्षा:

जीवन का चक्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। हमें इसे स्वीकार करना चाहिए और प्रत्येक चरण को अनुग्रह और कृतज्ञता के साथ अपनाना चाहिए।कल्पवृक्ष ने जीवन के चक्र को स्वीकार किया। उसने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जीवन का आनंद लिया।

हम भी जीवन के चक्र को स्वीकार कर सकते हैं। हम प्रत्येक चरण को अनुग्रह और कृतज्ञता के साथ अपना सकते हैं। यह हमें अपने जीवन को अधिक पूर्ण और संतोषजनक बना सकता है।

24.गुरु का मार्गदर्शन

एक बार की बात है, एक छोटा सा पक्षी था जिसका नाम चिड़िया था। चिड़िया बहुत ही मेहनती और लगनशील थी। वह अपने जीवन में बहुत कुछ करना चाहती थी।

एक दिन, चिड़िया एक जंगल में उड़ रही थी। तभी उसे एक अनुभवी पक्षी दिखाई दिया।चिड़िया ने अनुभवी पक्षी से कहा, “मैं एक अच्छा पक्षी बनना चाहती हूं। मुझे अपने जीवन में बहुत कुछ करना है।”

अनुभवी पक्षी ने चिड़िया को देखा और कहा, “तू एक मेहनती और लगनशील पक्षी है। तू अपने जीवन में बहुत कुछ कर सकती है। लेकिन तू को पहले कुछ चीजें सीखनी होंगी।”अनुभवी पक्षी ने चिड़िया को उड़ना, शिकार करना, और अन्य पक्षियों के साथ रहना सिखाया।

चिड़िया ने अनुभवी पक्षी की सारी बातों को ध्यान से सुना और सीखा।धीरे-धीरे, चिड़िया एक अच्छा पक्षी बन गई। वह अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल कर पाई।

शिक्षा:

गुरु का मार्गदर्शन हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। गुरु हमें जीवन में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं।

चिड़िया ने अनुभवी पक्षी के मार्गदर्शन से एक अच्छा पक्षी बनने में सफलता हासिल की।हम भी अपने जीवन में गुरु का मार्गदर्शन ले सकते हैं। यह हमें जीवन में सफल होने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

25 पहाड़ की सीख: जीवन की कठिन चढ़ाइयों पर दृढ़ता का पाठ  [Moral story 26+stores in hindi]

नव वर्ष 2024 के दरवाजे खुल चुके हैं और हम सब नए लक्ष्यों, नई उम्मीदों के साथ कदम बढ़ा रहे हैं. मगर क्या कभी सोचा है जीवन की राहें हमेशा चिकनी नहीं होतीं? अक्सर पहाड़ों की तरह वे कठिन और चुनौतीपूर्ण होती हैं. आज की कहानी पहाड़ की ही है, जो हमें दृढ़ता, धैर्य और साहस का जीवन-बोध सिखाएगी.

पहाड़ की तलहटी में रहता था एक नन्हा झरना. सालों से वो वहीं बह रहा था, अपनी मंजिल की तलाश में. एक दिन उसकी आवाज पहाड़ की चोटी तक पहुंची, जहाँ एक बुद्धिमान चील रहता था. “क्या चाहते हो नन्हे झरने?” चील ने पूछा.

“मैं समुद्र तक पहुँचना चाहता हूँ,” झरने ने जवाब दिया, “मगर यह पहाड़ मेरे रास्ते में खड़ा है.”

चील मुस्कुराया, “नन्हे झरने, पहाड़ चुनौती नहीं, पाठ है. उसकी कठिन चढ़ाई तुम्हें दृढ़ता सिखाएगी.”

झरना हिचकिचाया, “मगर ये चट्टानें, ये तूफान, मैं कैसे पार करूँ?”

“धैर्य और साहस ही तुम्हारे हथियार हैं,” चील ने कहा, “हर बूंद को इकट्ठा करो, हर चट्टान को अपने गीत का हिस्सा बनाओ, हर तूफान को बहादुरी से झेलो.”

झरना समझ गया. उसने हर चुनौती को स्वीकारा. तूफानों में वो मिट्टी में समा गया, बाधाओं को गीत में बदल दिया और धैर्य से हर चट्टान को पार किया. हर कदम के साथ उसकी धारा और मजबूत होती गयी.

अंत में, एक दिन वो पहाड़ की चोटी पर पहुँचा. नीचे उसने अपने सपनों का समंदर लहराता देखा. अब वो नन्हा झरना नहीं था, बल्कि एक शक्तिशाली नदी बन चुका था. समुद्र ने उसे गले लगाया और उसके बहादुरी के गीतों को सुना.

झरने की कहानी से हमें ये नैतिक सबक मिलते हैं:

1. दृढ़ता की शक्ति: जीवन की पहाड़ियों को पार करने के लिए दृढ़ता ही हमारा आधार है. हर चुनौती का सामना मजबूती से करें, हार मानने की ना सोचें.

 

2. धैर्य का साथ: कठिन रास्तों पर जल्दबाजी न करें. धैर्य से हर कदम उठाएं, तभी मंजिल मिलेगी.

3. साहस का हौसला: हार का भय मन में ना आने दें. साहस के साथ आगे बढ़ें, पहाड़ भी झुकते हैं बुलंद हौसलों के सामने.

4. चुनौतियों से सीख:हर बाधा को सीख का अवसर समझें. हर तूफान आपको और शक्तिशाली बनाएगा.

5. खुद पर विश्वास:अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें. आप अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचेंगे, पहाड़ कितना भी ऊँचा क्यों न हो.

नया साल हमारे सामने नए पहाड़ लाएगा. मगर झरने की कहानी को याद रखें. दृढ़ता, धैर्य और साहस के साथ हम हर चोटी को पार कर सकते हैं. तो चलिए, कदम बढ़ाएं और नए साल को अपनी बहादुरी का गीत सुनाएं!

26.दीपक की ज्योति: अंधेरे में उम्मीद जगाने की कहानी [Moral story 26+stores in hindi]

नव वर्ष 2024 की दहलीज़ पर खड़े हैं हम. नए लक्ष्य बनाए हैं, नए सपने देखे हैं. मगर क्या ये दुनियां सिर्फ रोशनी से ही बनी है? क्या जीवन में अंधकार नहीं आता? आता है ज़रूर, मगर तभी तो हमें ज्योति जगाने का महत्त्व समझ आता है. आज की ‘नैतिक कहानी’ उसी ‘दीपक’ की है, जो अंधेरे में उम्मीद की लौ जलाता है.

एक छोटे से गाँव में रहता था दीपक. हर शाम वो मिट्टी का दीया बनाता, उसमें तेल डालता और जला देता. वो गाँव के हर घर में ये ज्योति फैलाता, हर चेहरे पर मुस्कान लाता. उसकी ज्योति न केवल अंधकार दूर करती थी, बल्कि लोगों के दिलों में उम्मीद भी जगाती थी.

एक शाम, तूफान आया. बिजली कड़की, हवा गरजाई, बारिश की झंझार बरसी. गाँव का हर दीपक बुझ गया. अंधकार ने चारों तरफ पंजे फैला दिए. लोग डर से सहमे हुए, उम्मीदें टूटती नज़र आईं.

मगर दीपक हार नहीं मानता था. हवा से लड़ता हुआ, बारिश से भीगता हुआ उसने मिट्टी का दीया बनाया. उसने उसमें अपना बचा हुआ तेल डाला और माचिस की लौ से उसे जलाया. वो कमज़ोर सी ज्योति, तूफान में लड़खड़ाती हुई, हवा से बुझने को होती, फिर भी टिकी रही.

दीपक ने वो ज्योति गाँव के चौराहे पर रख दी. तूफान थमने लगा, बारिश रुकने लगी. एक-एक कर, गाँव के लोग चौराहे पर इकट्ठा हुए. वो दीपक की कमज़ोर सी ज्योति को देखते और उनकी निराशा आश में बदलने लगी.

“दीपक ने तो हार नहीं मानी,” गाँव के बुजुर्ग ने कहा, “तो हम कैसे हार मान सकते हैं?”

गाँव वालों ने भी दीए बनाए, तेल का इंतज़ाम किया और रोशनी फैला दी. जल्द ही, पूरा गाँव जगमगा उठा. लोगों के चेहरों पर उम्मीद लौट आई, उनके होठों पर मुस्कान खिल गई.

दीपक की कहानी से हमें नैतिक सबक मिलते हैं:

1. अंधकार में ज्योति बनिए:जीवन में जब अंधकार आए, तो हार मत मानिए. अपने भीतर की लौ जगाइए और दूसरों के लिए उम्मीद बनिए.

2. हार नहीं, संघर्ष: चुनौतियों का सामना डटकर कीजिए. संघर्ष से ही हमारी ज्योति और मजबूत होती है.

3. छोटी-सी ज्योति का महत्व: हर छोटा प्रयास ज़रूरी होता है. एक दीपक भले ही छोटा हो, मगर वो पूरे अंधकार को मिटा सकता है.

4.उम्मीद की शक्ति:कभी उम्मीद मत छोड़िए. चाहे कितना ही अंधकार हो, एक लौ भी राह दिखा सकती है.

5. एकजुटता की ताकत:दूसरों का साथ लीजिए, मिलकर ज्योति फैलाइए. एक जुटकर हम हर अंधकार को मिटा सकते हैं.

नए साल में आइए, हम सब दीपक बनें. अपनी ज्योति जगाएं और दूसरों की जिंदगी रोशन करें. संघर्षों का सामना करें, उम्मीद फैलाएं और एकजुट होकर हर चुनौती को पार करें. याद रखिए, अंधकार कितना भी घना हो, एक छोटी सी लौ ही पूरी दुनिया को रौशन कर सकती है. तो जलाएं अपनी ज्योति, जगमगाएं नए साल मे।

तो दोस्तो आपको कहाणी कैसी लगी हमे कमेंट बॉक्स जरूर बताऐ मीलते बहूत जल्द कहाणी मे तबतक बाय-बाय 

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