sad love story in hindi-4 best sad love story

“pyar ki takat: ek sacchi kahani” sad love story in hindisad love story in hindi-4 best sad love

राधा और कृष्ण बचपन के दोस्त थे, उनके नंगे पाँव गाँव की गलियों में दौड़ते और खेतों में छुप-छुप खेलते थे। हँसी उनकी भाषा थी और दोस्ती उनका धर्म। जैसे-जैसे वे बड़े हुए, उनकी दोस्ती प्यार में खिली। वे चुपके से नदियों के किनारे मिलते, सितारों के नीचे सपने बुनते और कसम खाते थे कि वे हमेशा साथ रहेंगे।sad love story in hindi

लेकिन भाग्य को उनकी मधुर प्रेम कहानी मंजूर नहीं थी। राधा एक सम्पन्न जमींदार की इकलौती बेटी थी, जबकि कृष्ण गाँव का एक साधारण किसान का बेटा। उनके सामाजिक अंतर ने उनके रास्ते में एक अनुकूलनीय दीवार खड़ी कर दी। राधा के माता-पिता ने उसे एक रईस व्यापारी से शादी करने का फैसला किया, कृष्ण को छोड़कर उसका दिल टूट गया।

शादी के दिन, आंसुओं से धुंधली आँखों से राधा ने खिड़की से कृष्ण को देखा, जो बारात के रास्ते को ताक रहा था। उसने अपनी शादी की पोशाक फाड़ दी और भागने की कोशिश की, लेकिन उसका परिवार बहुत सख्त था। विवश होकर, उसने शादी कर ली, लेकिन उसका दिल कृष्ण के साथ ही बना रहा।sad love story in  hindi

वर्षों बीत गए, राधा अपने पति के साथ एक आलीशान घर में रहती थी, लेकिन उसका दिल एक पिंजरे में बंद चिड़िया की तरह था। वह अक्सर कृष्ण के बारे में सोचती, उनके मीठे हंसी और वादों को याद करती। वह चुपके से गाँव जाकर कृष्ण से मिलती, जो अब भी अविवाहित था और उसका इंतजार कर रहा था।

एक दिन, गाँव में बीमारी फैल गई। कृष्ण इसकी चपेट में आ गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। राधा को इसकी खबर मिली तो वह पागल होकर उसके पास दौड़ी। रात भर उसके बिस्तर के पास बैठी रही, उसके माथे को सहलाती और उससे बातें करती रही। लेकिन सुबह होते-होते कृष्ण उसकी बाहों में हमेशा के लिए सो गया।sad love story in hindi

राधा का दिल टूट गया था। उसने अपने पति को छोड़ दिया और कृष्ण की कब्र के पास एक छोटी झोपड़ी बना ली। वह हर दिन उसकी कब्र पर बैठती, उनका गाना गाती और उन्हें कहानियाँ सुनाती। वर्षों बाद, जब वह बूढ़ी हो गई, तो उसने भी उसी कब्र के नीचे कृष्ण के बगल में शांति पा ली। उनकी प्रेम कहानी अधूरी रह गई, लेकिन उनका प्यार अमर हो गया।

यह कहानी हमें दिखाती है कि कैसे सामाजिक बंधन सच्चे प्यार के रास्ते में आ सकते हैं। यह उन प्रेमियों की पीड़ा को दर्शाता है जो अलग रहने को मजबूर हैं। भले ही उनकी कहानी एक दुखद अंत के साथ समाप्त होती है, उनका अटूट प्यार हमेशा याद रहेगा।

वर्षों बाद, गाँव के बुजुर्ग गाते थे कि राधा और कृष्ण की प्रेम कहानी अधूरी तो थी, मगर उनकी आत्माएँ कभी अलग नहीं हुईं। एक दिव्य ज्योति हर पूर्णिमा की रात कृष्ण की कब्र पर जगमगाती थी, मानो राधा का दीपक उसका रास्ता रोशन कर रहा हो।sad love story in hindi

ek युवा कवि गाँव आया, उनकी कहानी से प्रेरित होकर वो हर रात कब्र के पास बैठकर सुंदर कविताएँ लिखता। एक पूर्णिमा की रात, ज्योति प्रज्वलित हुई और उसके सामने राधा की आत्मा प्रकट हुई। उसकी आँखों में गहरा दुख झलक रहा था। उसने कवि से कहा, “हमारा प्यार अधूरा रह गया, मैं कृष्ण से मिलना चाहती हूँ, परंतु मेरा बंधन इसी धरती से जुड़ा है।”sad love story in hindi

कवि ने राधा को समझाया कि प्रेम की शक्ति किसी भी बंधन को तोड़ सकती है। उसने सुझाया कि वह अपनी कहानी पूरी दुनिया को सुनाए, ताकि उनका प्यार अमर हो जाए। राधा उसकी बातों से सहमत हुई और कवि को प्रेरणा देकर गायब हो गई।

कवि ने राधा और कृष्ण की कहानी को इतनी खूबसूरती से लिखा कि वह दूर-दूर तक फैल गई। उनकी प्रेम कहानी लोगों को छू गई, सामाजिक बंधनों को चुनौती दी और सच्चे प्यार की ताकत दिखाई। दुनिया भर के प्रेमी उनकी कब्र पर आकर उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे।

एक रात, कब्र के ऊपर फिर से ज्योति प्रज्वलित हुई। इस बार, कृष्ण और राधा दोनों की आत्माएँ साथ थीं। उन्होंने कवि को धन्यवाद दिया और उसके सामने गायब हो गए, शायद अंततः उस प्रेम को पाने के लिए जिसे वे धरती पर पा नहीं सके।

गाँव में अब भी उनकी कहानी सुनाई जाती है, एक अधूरी प्रेम कहानी जो मौत को भी हरा देती है। और हर पूर्णिमा की रात, लोग आशा करते हैं कि कब्र पर ज्योति दोबारा जगमगाएगी, यह दर्शाते हुए कि उनका प्यार हमेशा अमर रहेगा।

2.अधूरी दास्तान: एक उदास प्रेम कहानी (Sad Love Story in Hindi)sad love story in hindi-4 best sad love

प्यार की कहानियां अक्सर फिल्मी गानों और सुखद अंत के वादों से सजी होती हैं, लेकिन जिंदगी की हकीकत इससे थोड़ी अलग है। कभी-कभी प्यार अधूरा रह जाता है, अधूरी ख्वाहिशों और सवालों का बोझ दिल में छोड़ देता है। आज हम ऐसी ही एक कहानी सुनाते हैं, एक “sad love story in hindi”, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।

मिलन: बारिश की बूंदों के संग

वर्षा ऋतु की ठंडी हवा और आसमान से टपकती बूंदों के बीच रिया और आदित्य की मुलाकात हुई। कॉलेज कैंटीन में चाय की चुस्कियों के साथ बातों का सिलसिला शुरू हुआ, जो हंसी और गंभीर चर्चाओं के संग आगे बढ़ता गया। उनकी पसंद, सपने और विचार मिलते थे, मानो तारों का साझा आसमान हो। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई, एक ऐसा प्यार जो बारिश की खुशबू की तरह महकता था।

ख्वाहिशों के रंग: सपनों का किला

उनकी बातों में भविष्य के रंग झलकते थे। रिया एक लेखिका बनना चाहती थी, अपनी कहानियों से दुनिया को छूना। आदित्य एक संगीतकार था, अपनी धुनों में जिंदगी की राग छेड़ना चाहता था। वे एक-दूसरे के सपनों के हौसला बने, राह दिखाने वाले सितारे। उनकी शामें कविताओं और गीतों से सजी होती थीं, मानो जिंदगी का सुर सुहाना बज रहा हो।

बिछड़न का साया: वक्त की बेरुखी-sad love story in hindi

लेकिन वक्त की धारा कभी एक सी नहीं रहती। रिया को अपनी लेखनी को पंख लगाने के लिए विदेश जाना पड़ा। आदित्य अपने सपनों को मंच देने के लिए दूसरे शहर का रुख किया। दूरी ने उनके प्यार को कमज़ोर नहीं किया, बल्कि और मजबूत बनाया। फोन कॉल, चैट और खत उनके रिश्ते की डोर बने रहे।

टूटते सपने: भाग्य का क्रूर खेल

फिर वो काला दिन आया, जिसने उनकी दुनिया को तहस-नहस कर दिया। एक हादसे में आदित्य गंभीर रूप से घायल हो गया। महीनों का संघर्ष, उम्मीदें और दुआएं बेकार गईं। आदित्य इस दुनिया को अलविदा कह गया, अपने अधूरे सपनों और रिया के लिए बेपनाह प्यार को पीछे छोड़कर।

अकेली धुन: अधूरी कहानी

रिया टूट चुकी थी। उसका आसमान ढह गया था, उसके सपने अधूरे रह गए थे। उसने खुद को लेखन में झोंक दिया, हर कहानी में आदित्य की यादें समेट लीं। उसकी हर रचना एक अधूरी प्रेम कहानी बन गई, एक “sad love story in hindi”, जो पाठकों के दिलों को छू लेती थी।

यादों का सफर: जिंदगी चलती है

वक्त के पहिये ने उसे आगे बढ़ाया। उसके लेखों में अब भी उदासी का संगीत सुनाई देता है, लेकिन साथ ही जीवन जीने का हौसला भी झलकता है। आदित्य को खो देने का गम तो है, लेकिन उसकी यादें ही उसे मजबूत बनाती हैं। रिया की कहानी अधूरी रह गई, लेकिन उसका प्यार अमर है, सदियों तक पाठकों के दिलों में जिंदा रहेगा।

अधूरी दास्तान: एक नया अध्याय (Sad Love Story in Hindi)

रिया की जिंदगी अब सिर्फ शब्दों तक ही सीमित नहीं थी। सालों बाद, एक साहित्यिक कार्यक्रम में उसकी मुलाकात अमन से हुई। एक युवा संगीतकार, जिसकी आँखों में आदित्य की धुनों की झलक दिखाई देती थी। अमन का संगीत रिया के दिल की गहराईयों को छू गया, मानो रिया की अधूरी कविता को संगीत का सुर मिल गया हो।

उनका साथ धीरे-धीरे दोस्ती में बदला, और दोस्ती धीरे-धीरे एक अनोखे रिश्ते में खिलने लगी। अमन, रिया को समझता था, उसके अतीत के दर्द को महसूस करता था। उनके बीच आदित्य की यादें एक पवित्र बंधन की तरह मौजूद थीं, एक ऐसा बंधन जिसने उन्हें करीब लाया।

लेकिन रिया अपने दिल में एक डर पालती थी। क्या किसी और को प्यार करना, आदित्य के प्रति बेवफाई होगी? अमन ने उसके डर को समझा और प्यार से कहा, “प्यार किसी को भुलाने के लिए नहीं होता, बल्कि जिंदगी को फिर से जीने का हौसला देता है। तुम्हारा प्यार आदित्य के संगीत में था, मेरा संगीत उसी धुन को आगे बढ़ा सकता है।”

धीरे-धीरे रिया ने अपने दिल के दरवाजे खोले। अमन का प्यार, उसका संगीत रिया के घावों को भरने लगा। उसने लिखना जारी रखा, पर अब उसकी कहानियों में उदासी के साथ उम्मीद की किरण भी झलकने लगी। वह आदित्य की यादों को संजोए, अमन के साथ एक नया अध्याय लिख रही थी। sad love story in hindi

उनकी प्रेम कहानी अनोखी थी, दो अधूरी दास्तानों का संगम। यह किसी मिटे हुए चित्र को नए रंगों से भरने जैसा था, जहां पुराने रंगों की यादें भी जिंदा रहती हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि प्यार कभी मरता नहीं, बस अपना रूप बदल लेता है। जीवन में आगे बढ़ना ज़रूरी है, हार के बाद उम्मीद के सुर बजाना ज़रूरी है।

यह अधूरी दास्तान अब एक नया अध्याय लिख रही है, प्यार, उम्मीद और संगीत से सजा हुआ अध्याय। यह कहानी आपको क्या सोचने पर मजबूर करती है? आपकी प्रेम कहानी कैसी है? हमें कमेंट में ज़रूर बताएं।

3.दीप और ज्योति: मिट्टी का दिया-sad love story in hindisad love story in hindi-4 best sad love

गाँव की मिट्टी में जन्मे दीप और ज्योति बचपन के साथियों से बढ़कर थे। उनका प्यार गांव के खेतों की तरह फैला था, हवा के झोंकों के साथ लहराता हुआ। दीप गंभीर स्वभाव का कवि था, अपनी कविताओं में ज्योति की खूबसूरती को शब्द देता था। ज्योति हंसमुख और जिंदादिल, अपने गीतों में दीप के प्यार को राग देती थी। उनका प्यार गांव की खुशबू की तरह था, मिट्टी की खुश्बू, सादगी की खुशबू।

लेकिन उनकी दुनिया उतनी ही छोटी थी, जितना उनका गांव। दीप को अपने सपनों को उड़ान देने के लिए शहर जाना जरूरी था। जाते वक्त उसका वादा था, “जल्द लौटूंगा ज्योति, तुम्हारे लिए सितारे लाऊंगा!” ज्योति का वादा था, “इंतजार करूंगी दीप, हर रात खिड़की पर दीप जलाकर!”

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शहर के शोरगुल में दीप सफलता की राह पर आगे बढ़ने लगा। उसकी कविताएं मशहूर हुईं, लेकिन हर शब्द में ज्योति की याद छिपी थी। गांव और ज्योति की सादगी अब दूर ख्वाब लगती थी। साल बीतते गए, खत कम होते गए, फोन कॉल कम होते गए। शहर की चकाचौंध ने दीप को बदल दिया था।

एक दिन, खबर आई कि ज्योति अब नहीं रही। बीमारी से लड़ते-लड़ते उसने दुनिया छोड़ दी। दीप टूट गया। वह दौड़कर गांव पहुंचा, लेकिन ज्योति की कब्र के सिवा कुछ न मिला। बस वहां एक मिट्टी का दिया टिमटिमा रहा था, मानो ज्योति का इंतजार कर रहा हो।

दीप ने अपने कलम से ज्योति को अमर कर दिया। उसकी हर कविता में अब हार का गम था, प्यार का अफसोस था। उसे एहसास हुआ कि शहर के सितारों से ज्यादा खूबसूरत ज्योति की आंखों का एक झलक थी। लेकिन अब सब देर हो चुकी थी। उनके बीच सिर्फ मिट्टी का दिया रह गया, ज्योति की मोहब्बत का इंतजार करता हुआ।

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वर्षों बाद, दीप एक नामचीन कवि बन चुका था। उसकी रचनाएं पुरस्कारों से सजी थीं, लेकिन उसके दिल में एक खालीपन रह गया था। हर रात, जब शहर की चमकदार इमारतें सो जाती थीं, दीप ज्योति की यादों में खो जाता था। एक रात, उसे लगा मानो किसी ने उसे पुकारा है। सपने में उसने ज्योति को देखा, हंसते हुए, उसी मिट्टी के दिए की रोशनी में।

ज्योति ने कहा, “दीप, तुम्हारी सफलता मुझे खुशी देती है, लेकिन मेरा प्यार अधूरा रह गया। जिस मिट्टी से हमारा प्यार जन्मा, उसी मिट्टी से बच्चों को शिक्षा दो। अपना गांव वापस जाओ, वहां मेरा सपना पूरा करो।”

दीप जागा, आंसुओं से भरा हुआ। उसे समझ आ गया कि असली सफलता ज्योति का सपना पूरा करने में थी। उसने सबकुछ छोड़ दिया और अपने गांव लौट गया। उस मिट्टी के दिए को संजोकर, उसने एक स्कूल खोला। बच्चों को पढ़ाते हुए, उन्हें कविताएँ लिखना सिखाते हुए, दीप को लगा मानो ज्योति उसके साथ है।

सालों बाद, स्कूल का नाम हुआ “दीप ज्योति विद्यालय”। उस मिट्टी के दिए की तरह, उनका प्यार शिक्षा की ज्योति जला रहा था, गांव के बच्चों के सपनों को उड़ान दे रहा था। दीप को कभी पूर्ण शांति नहीं मिली, लेकिन ज्योति का सपना पूरा करके उसे एक अजीब सा सुकून मिला।

कहानी का सार:sad love story in hindi

जो खो गया है, उसे लौटाया नहीं जा सकता, पर उसकी यादों को जिंदा रख कर कुछ नया बनाया जा सकता है। प्यार एक सफर है, मंजिल नहीं। कभी-कभी अधूरा रह जाना ही उसकी खूबसूरती होती है।

यह कहानी हमें क्या सिखाती है?

प्यार को संजोना जरूरी है, दूरी और वक्त को प्यार कमजोर नहीं करना चाहिए। सफलता की चकाचौंध में असली खूबसूरती को मत भूलिए। जिंदगी एक मौका देती है, उसे गंवाने का अफसोस जिंदगी भर रहता है।

4.बारिश की बूंदों सी नाजुक: अधूरी प्रेम कहानी sad love story in hindisad love story in hindi-4 best sad love

बारिश की बूंदों सी नाजुक थी उनकी कहानी, अविनाश और मीरा की। बचपन की दोस्ती प्यार में बदली, पर ये प्यार हदों और परंपराओं से बंधा था। अविनाश एक ऊँची जाति का था, जबकि मीरा ठाकुर परिवार की बेटी। उनके प्यार की खुशबू गांव तक ही सीमित थी, बाहर की दुनिया में सिर्फ कांटे बिछे थे।sad love story in hindi

चोरी-छिपे मिलना, चुराई हुई हंसी, जल्दी में बिछड़ते हाथ – उनका प्यार इन्हीं लम्हों में पनपा। बरगद के पेड़ के नीचे कसम खाई थी साथ रहने की, मगर किस्मत को ये मंजूर न था। अविनाश को शहर पढ़ने जाना पड़ा। वादे थे लौट आने के, पर शहर की चकाचौंध ने सब बदल दिया। अविनाश ने ऊँची शिक्षा, अच्छा पद पाया, पर मीरा की यादें दबी रह गईं।

गाँव में मीरा का इंतजार सालों लंबा हो गया। बूढ़े माता-पिता की खातिर उसने किसी और से शादी कर ली। हर रात बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर आँसू बहाती, अविनाश के लौट आने की आस लगाए।

एक दिन बारिश में भीगा हुआ अविनाश लौटा। गाँव सुनसान था, घरों में दीप जल रहे थे। बरगद के पेड़ की तरफ गया, तो वहां मीरा बैठी थी, एक टूटे दीपक की तरह बुझी-बुझी। उनके आँसू मिले, मगर अब वक्त बीत चुका था। मीरा विवाहिता थी, दो बच्चों की माँ।

बिना कुछ कहे अविनाश चला गया। मीरा ने पीछे से पुकारा, “अविनाश, क्या तू मुझे भूल गया?” अविनाश रुका, आँखों में आँसू लिए बोला, “मीरा, तेरी खुशी में ही मेरी खुशी है।” वो चला गया, पीछे छोड़ गया अधूरा प्यार और बारिश में भीगती एक स्त्री को, जिसके हाथों में सिर्फ टूटा दीपक था।

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बारिश थम चुकी थी और गाँव धीरे-धीरे ज़िंदगी की रफ्तार में लौट रहा था। लेकिन मीरा के मन में उथलपुथल मची थी। अविनाश से मिलना, उसका छूटा प्यार, ये सब सपने जैसे लग रहे थे। परन्तु बारिश में भीगे दीपक की लौ सी उसकी आँखों में एक उम्मीद की चिंगारी टिमटिमा रही थी।sad love story in hindi

दूसरी ओर, अविनाश भी बेचैन था। भले ही उसने खुद को मीरा की खुशी में ढांढस दिया था, पर उसका दिल भी तो उसी गाँव की मिट्टी से बना था। मीरा की सजल आँखें बार-बार उसके सामने आती थीं। शहर की ऊंची इमारतें अब उसे सुख नहीं देती थीं, बल्कि उस बरगद के पेड़ की शाखाओं की तरह खाली लगती थीं।-sad love story in hindi

दिन बीते, सप्ताह बीते। एक शाम, जैसे अचानक किसी ताकत ने अविनाश को खींच लिया हो, वो बरगद के पेड़ के नीचे खड़ा था। मीरा वहां नहीं थी, पर हवा में उसका इत्र की महक अभी भी बनी हुई थी। तभी कुछ दूरी पर उसे मीरा दिखी, बच्चों के साथ खेलती हुई। उसका चेहरा हँस रहा था, पर आँखों में एक गहरा दर्द छिपा था।

अविनाश को देखकर मीरा चौंक गई। उन दोनों में कुछ पल तक खामोशी रही, फिर अविनाश आगे बढ़ा और बोला, “मीरा, मैं…”

“तुम यहाँ?” मीरा ने उसे रोका, “तुम अपनी ज़िंदगी जी लो, अविनाश। मुझे कोई शिकायत नहीं है।”sad love story in hindi

“मीरा, तुम्हारे बिना मेरी ज़िंदगी अधूरी है। क्या हम इसे दोबारा कोशिश नहीं दे सकते?” अविनाश ने उसका हाथ थाम लिया।

मीरा ने अपना हाथ छुड़ा लिया, “तुम भूल रहे हो, अविनाश। मैं अब किसी की पत्नी हूँ, माँ हूँ।”

“तुम खुश नहीं हो मीरा, ये मैं देख सकता हूँ। क्या हम प्यार और ज़िम्मेदारी के बीच एक रास्ता नहीं खोज सकते?” अविनाश ने आग्रह किया।

मीरा असमंजस में थी। उसका दिल तो अविनाश के लिए ही धड़कता था, पर समाज के बंधन, बच्चों की ज़िम्मेदारी उसे रोक रही थी। वो इस दुविधा में जवाब नहीं दे पाई।

अविनाश ने समझ लिया, “ठीक है मीरा, मैं तुम्हें सोचने का वक्त देता हूँ। लेकिन याद रखना, मेरा प्यार हमेशा तुम्हारे लिए रहेगा।”

वो चला गया, लेकिन मीरा को छोड़ गया एक उम्मीद के साथ। बरगद का फूल सूख चुका था, पर क्या बारिश की एक और बूंद उसे फिर से खिला सकती थी? ये सवाल मीरा के मन में कौंध रहा था।

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हफ्तों तक मीरा को अविनाश के शब्द बेचैन किए रहे। उसकी आँखों में झलकता प्यार झूठा नहीं हो सकता था। पर परिवार और समाज के डर का पहाड़ भी भारी था। कई रातें बीत गईं बेचैनी और सोच में। वो बच्चों को सुलाती तो आँखों से आंसू छलक पड़ते। एक रात बरसात फिर से हुई, बरगद के पेड़ की टहनियों पर टक टक करती बूंदों की आवाज जैसे उसे जगा रही थी।

अचानक एक ख्याल आया मन में। वो दौड़कर पड़ोसी की झोपड़ी में गई, जिसे गाँव की बुद्धिमान माना जाता था। बुजुर्ग महिला ने सारी कहानी सुनी और हौंसला दिया, “प्यार सच्चा हो तो रास्ते बन ही जाते हैं, बेटी। पर जल्दबाजी मत करो। समय लो, अपने और बच्चों के बारे में सोचो।”

मीरा ने फैसला किया कि वो अविनाश से मिलेगी, उससे बात करेगी। अगले दिन उसने संदेश भिजवाया कि बरगद के पेड़ के नीचे उसे इंतजार करे। शाम ढलते ही वो वहां पहुंची। अविनाश पहले से ही इंतजार कर रहा था। उनकी आँखें मिलीं, एक गहरी बातचीत शुरू हुई।

मीरा ने अपने दिल की उलझनें खोलीं, बच्चों की चिंता जताई। अविनाश ने धैर्य से समझाया, “हमें जल्दबाजी नहीं करनी। हम पहले बच्चों का भला सोचेंगे। वो बड़े हो जाएं, तब कोई फैसला लेंगे। पर एक बात याद रखना, मैं हमेशा तुम्हारे और तुम्हारे बच्चों के लिए मौजूद रहूंगा।”

उनकी बातचीत को दूर से बच्चों की हँसी ने रोका। मीरा को लौटना था। उस रात एक नई उम्मीद जगी, उनके रिश्ते की डोर अभी टूटी नहीं थी।sad love story in hindi

वक्त बीतता गया। अविनाश हर दूसरे दिन आता, बच्चों के साथ खेलता, उनकी पढ़ाई में मदद करता। गाँव वालों में भी धीरे-धीरे उनकी कहानी स्वीकार हो रही थी। प्यार को इज्जत मिल रही थी।

सालों बाद, जब बच्चे बड़े होकर अपने रास्ते पर चल पड़े, तब मीरा और अविनाश ने शादी कर ली। वो बरगद के पेड़ के नीचे ही खड़े थे, जहां उनकी कहानी शुरू हुई थी। बारिश हो रही थी, मानो प्रकृति उनका आशीर्वाद दे रही हो। उनका प्यार, जो कभी अधूरा रह गया था, अब सामाजिक बंधनों को तोड़कर एक खूबसूरत रिश्ते में खिल चुका था।

कहानी यहाँ समाप्त होती है,यह कहानी आपको कैसी लगी हमे कोमेंट बॉक्स जरूर बताये

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